उन्नति पर करें खुद को केन्द्रित

एक किसान सिंचाई के आभाव में नष्ट होती अपनी खेती से दुखी था। एक विशेषज्ञ ने किसान के खेत पर पहुँचकर सलाह दी कि यदि सौ फुट गहरे तक जमीन खोद दी जाए तो पानी […]

विकास ही विकल्प

दैहिक विकास अपरिहार्य है, इसके अलावा हर तरह के विकास में सचेतन प्रयास की जरुरत होती है। मैं विकास को दो भाग में विभक्त करता हूँ. पहला है दृश्यगत एवं बाहरी विकास, दूसरा है अदृश्य […]

सरलता बनाए रखें

अंग्रेजी का एक मुहावरा है, ‘KISS’ यानी ‘कीप इट सिम्पल स्टूपिड’। सचमुच, यदि हम चीजों को सहज-सामान्य नहीं बनाए रख पाते हैं, तब हम अपनी मूर्खता नहीं महामूर्खता साबित कर रहे होते हैं। अनजाने में […]

सबसे सीखें

यदि आप सीखने को तैयार हैं तो इस पृथ्वी पर मौजूद समस्त चीजें जैसे पौधे, पशु, मानव एवं परिस्थितियाँ आपके शिक्षक हैं। मैं यहाँ इन सुझावों का संचयन अपने अनुभव के बल पर कर रहा […]