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लीडर यानी टीम की प्रेरणा

टीम या समूह का प्रदर्शन दरअसल सभी सदस्यों का सकल प्रदर्शन है और टीम की रफ़्तार असल में सबसे कमजोर सदस्य की रफ़्तार है। अतः टीम या समूह के लीडर के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं होता कि वह टीम के प्रत्येक सदस्य को प्रेरित करता रहे और उनका हौसला बढ़ाता रहे।

यह होना तय है कि सदस्यों की मनस्थिति और प्रदर्शन का स्तर प्रतिदिन ऊपर-नीचे होता रहेगा। लीडर का दायित्व है कि वह प्रत्येक सदस्य की रफ़्तार पर नजर रखे और उन्हें अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता रहे। सदस्यों की कमजोरियां खोजकर उन्हें प्रशिक्षित करे ताकि हुनर की कमी सकल प्रदर्शन में बाधक न बन जाए।

लीडर की कसौटी यही है कि वह बुरे से बुरे दौर में भी सदैव हँसमुख बना रहे। कुछ पलों की हताशा भी लीडर पर भारी पड़ सकती है। सकारात्मक विचार, हौसलाफजाई और उत्साहपूर्ण सक्रियता प्रभावी नेतृत्व के गुण हैं।

टीम को प्रेरित करने के पाँच उपाय
1. स्वप्रेरित रहने पर ही हौसलाअफजाई संभव है।
2. टीम सदस्यों के मजबूतियों के पूँजीकरण पर सर्वाधिक जोर दें।
3. जरुरत अनुसार सदस्यों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते रहें।
4. सबके सामने प्रेरित करें, अनुशासित अकेले में करें।
5. लक्ष्य निर्धारित करते हुए यह स्पष्ट करते रहें कि टीम सदस्यों से क्या अपेक्षित है।

Hemant Lodha

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