Haiku by Hemant Lodha

है बीती रात जन्मी ढेर आशायें हो सुप्रभात। स्वस्थ रहे नैसर्गिक सुन्दरता तन व मन। प्रेम का रस जब डालो सेवा में सब सरस। मैं ही मैं बसा मैं में शहर फँसा गाँव में मैं […]

नकारात्मक कल्पनाओं से बचे।

नकारात्मक कल्पनाओं से बचे। कल्पनाएँ करना मानव का गुण भी है और स्वभाव भी। कल्पनाएँ सकारात्मक है या नकारात्मक, यह निर्भर करता है समय, व्यक्ति एवं परिस्तिथियों पर। कल्पनाओं कि गुणवत्ता निर्भर करती है व्यक्ति […]