भाग्य व्यक्तिवादी है

हमारा दो भाई और दो बहनों का परिवार है और हम चारों का भाग्य और जीवन एक–दूसरे से जुदा है। मैं कोई नयी बात नहीं कह रहा हूँ। सभी सहोदरों की यही कहानी है। माता–पिता […]

जीवन एक प्रतिध्वनि

जीवन एक प्रतिध्वनि की तरह है. जितनी भी ऊर्जा आप बाहर प्रेषित करते हैं, वह लौट–लौट आती हैं। जो भी आप देते हैं, वही आपको वापस मिलता है। जो आप बोते हैं, वही काटते हैं। […]

अति है विष समान

मध्य मार्ग पर बने रहे, अति को विष ही मान। समता की हो भावना, जग में हो सम्मान॥ परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक पाने की बात छोड़ दी जाए तो अति अन्य मामले में घातक ही […]