सहानुभूतिपूर्वक सुनना

अनुसंधानों से ज्ञात हुआ है कि हम शब्दों के जरिए सिर्फ 30-35 प्रतिशत ही अभिव्यक्त कर सकते हैं, शेष अभिव्यक्ति हमारी भाव-भंगिमा से होती है। विद्यालय हमें लिखने-पढ़ने का सलीका सिखाते हैं, लेकिन शायद ही […]

न्यूनतम हों अनुभूतिजन्य मतभेद

मेरा दृढ विश्वास है कि सम्बंधों में निन्याबे प्रतिशत समस्याएं अनुभूतिजन्य मतभेद के चलते होती हैं। मुझे वह उपाख्यान याद आ रहा है कि एक जंगल में जब कुछ नेत्रहीनों ने पहली बार हाथी को […]

विरासत छोड़कर जाना

किसी चीज की पहलकदमी से विरासत उत्पन्न होती है जो आपके साथ समाप्त नहीं होती। सभी लोग कुछ ऐसा छोड़ जाना चाहते हैं जो उनकी मृत्यु के बाद भी शेष रहे. महावीर, बुद्ध, कबीर, आइन्स्टाइन, […]

प्रतिदान ही हो जीवन 

तीन अन्य सहोदर भाई-बहनों के साथ एक सम्मानित किन्तु सीमित संसाधनों वाले जैन परिवार में मेरा लालन-पालन हुआ। हालाँकि संसाधनों के आभाव के बावजूद बालपन से मैं देखता था कि मेरी माँ रोटियाँ बनाते समय […]

अपने समय का प्रबंधन करें

हर कोई यह जानता और समझता है कि सक्षम और प्रभावी तरीके से समय का प्रबंधन महत्वपूर्ण है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसे किया कैसे जाए। मैं कुछ उपाय आपसे साझा करना […]